ऋषिकेश:दस दिन का आश्वासन पूरा, समाधान नहीं हुआ तो फिर टंकी पर चढ़े छात्र; समर्थन में आई कांग्रेस – Rishikesh News Protest By Bams Students After Ten Days Insurance Expired Students Climbs Water Tank Again
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति की ओर से समस्याओं के समाधान के लिए दिए गए 10 दिन के लिखित आश्वासन की अवधि पूरी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से छात्रों का गुस्सा फिर फूट पड़ा। बुधवार को हर्रावाला स्थित विश्वविद्यालय परिसर में बीएएमएस के पांच छात्र पानी की टंकी पर चढ़ गए और लंबित परीक्षाओं, रुके परीक्षा परिणाम और इंटर्नशिप शुरू कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे नीचे नहीं उतरेंगे।
छात्रों का कहना है कि पिछले पांच वर्षों से परीक्षा और परिणाम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इससे बड़ी संख्या में बीएएमएस छात्रों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है।
इससे पहले 24 अगस्त को भी छात्रों ने पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किया था। उस दौरान चार छात्र-छात्राएं करीब साढ़े 14 घंटे तक टंकी पर डटे रहे थे। इनमें तीन छात्र और एक छात्रा शामिल थी। छात्रों के पास पेट्रोल की बोतल होने की सूचना के बाद प्रशासन और पुलिस में भी हड़कंप मच गया था।
प्रदर्शन के दौरान देर रात प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच वार्ता हुई थी। एसडीएम डोईवाला की मौजूदगी में कुलपति की ओर से छात्रों को समस्याओं के निस्तारण का लिखित आश्वासन दिया गया था। आश्वासन मिलने के बाद ही छात्र टंकी से नीचे उतरे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से समस्याओं के समाधान के लिए 10 दिन की समयसीमा बताई गई थी। मंगलवार को समयसीमा समाप्त हो गई थी।
छात्रों का आरोप है कि 10 दिन की अवधि पूरी हो जाने के बावजूद उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। न तो लंबित परीक्षा और परिणाम को लेकर स्थिति साफ हुई और न ही इंटर्नशिप शुरू होने को लेकर ठोस निर्णय सामने आया। इससे नाराज छात्रों ने बुधवार को एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अपनाया और पांच छात्र पानी की टंकी पर चढ़ गए।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि परीक्षा और परिणाम में लगातार हो रही देरी से उनकी पढ़ाई के साथ-साथ आगे की शिक्षा, इंटर्नशिप और करियर की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि केवल आश्वासन देने के बजाय उनकी समस्याओं के समाधान की स्पष्ट समयसीमा और कार्रवाई सार्वजनिक की जाए।