Uttarakhand:दो माह में एक दीवार तक पार नहीं कर पाई शासन की चिट्ठी, अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश का मामला – Compulsory Retirement Order Not Reached Police Headquarters From Government 40th Battalion Pac Uttarakhand


माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी

Updated Mon, 09 Feb 2026 12:13 PM IST

40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार के एक दलनायक की अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश का पुलिस मुख्यालय तक पहुंचा ही नहीं। मामले की जांच डीआईजी पीएसी को सौंपी गई है।


Compulsory retirement Order not reached police headquarters from government 40th Battalion PAC Uttarakhand

चिट्ठी
– फोटो : Instagram



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करीब दो माह से शासन की एक चिट्ठी एक दीवार पार कर पुलिस मुख्यालय तक नहीं पहुंच पाई। यह 40वीं वाहिनी पीएसी के दलनायक की अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश था। नतीजा यह हुआ कि जिस कर्मचारी की सेवाएं दिसंबर में समाप्त हो जानी थी, वह अब तक नौकरी करता रहा। ऐसे में गत चार फरवरी को आईजी पीएसी को शासन की अनुमति से दोबारा आदेश करने पड़े। मामले की जांच बैठा दी गई है।

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जानकारी के अनुसार 40वीं वाहिनी पीएसी में तैनात दलनायक खजांची लाल पर पिछले साल कई अनियमितताओं के आरोप लगे थे। मामले में विभागीय जांच की गई तो इन आरोपों की पुष्टि हो गई। विभागीय जांच के बाद गृह विभाग ने भी इसकी अपने स्तर से जांच कराई और उसकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश मुख्यमंत्री के अनुमोदन पर कर दिए। यह आदेश गत 16 दिसंबर 2025 को हुआ था। सामान्य तौर इस तरह के आदेश दो-चार दिनों में पुलिस मुख्यालय तक पहुंच जाते हैं। बावजूद इसके ऐसा नहीं हुआ।

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ऐसे में इसकी भनक जब विभागीय अधिकारियों को लगी तो गत चार फरवरी को एक आदेश आईजी पीएसी के स्तर से खजांची लाल की सेवानिवृत्ति का कर दिया गया। डीजीपी दीपम सेठ ने बताया कि यह गंभीर प्रकरण है। इस मामले में जांच डीआईजी पीएसी मुकेश कुमार को दी गई है। उनसे जल्द से जल्द रिपोर्ट मांगी गई है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि ऐसा क्यों हुआ। कहीं बीच में आदेश किन्हीं गलत हाथों में तो नहीं पड़ गया।

 



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