मेजर के.जे.एस. रालही (सेवानिवृत्त) को भावभीनी श्रद्धांजलि
हर काम देश के नाम’
मेजर के.जे.एस. रालही (सेवानिवृत्त) को भावभीनी श्रद्धांजलि
देहरादून
भारतीय सेना के सम्मानित पूर्व अधिकारी मेजर के.जे.एस. रालही (सेवानिवृत्त) का आज देहरादून में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। वे बीते चार वर्षों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से साहसपूर्वक जूझ रहे थे। उनके निधन से सैन्य समुदाय सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

मेजर रालही ने जनवरी 1988 में भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से प्रशिक्षण प्राप्त कर तोपखाना रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त किया था। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने कई अहम अभियानों में हिस्सा लिया, जिनमें ऑपरेशन मेघदूत के अंतर्गत सियाचिन ग्लेशियर की अत्यंत कठिन तैनाती भी शामिल है। दो दशकों से अधिक की उनकी सैन्य सेवा कर्तव्यनिष्ठा, साहस और देशभक्ति की मिसाल रही।
वे अपने पीछे पत्नी श्रीमती सुरजीत कौर, पुत्र श्री मंजीत सिंह रालही और श्री निर्मल सिंह रालही को छोड़ गए हैं। उनके परिजनों को पूर्व सैनिकों, मित्रों और समाज के विभिन्न वर्गों से मिल रही श्रद्धांजलि और सहानुभूति से संबल प्राप्त हो रहा है।
मेजर रालही का जीवन और उनकी सेवाएं न केवल वर्तमान सैन्यकर्मियों, बल्कि देहरादून और देश भर के पूर्व सैनिकों के लिए भी प्रेरणास्रोत
बनी रहेंगी।