आर्टिलरी रेजिमेंट के नव-नियुक्त कैडेट्स को मिला नई पहचान का प्रतीक
*‘हर काम देश के नाम’*
*आर्टिलरी रेजिमेंट के नव-नियुक्त कैडेट्स को मिला नई पहचान का प्रतीक*
*गोल्डन की गनर्स ने आर्टिलरी रेजिमेंट के कैडेट्स का सम्मान समारोह आयोजित किया*
देहरादून*

गोल्डन की गनर्स (Golden Key Gunners) ऑफिसर्स मेस में आयोजित एक गरिमामय समारोह में “रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी” में नियुक्त होने वाले जेंटलमैन कैडेट्स को उनके रणसज्जा-सामान (Accoutrements) भेंट किए गए। आर्म के चयन और आवंटन के बाद आर्टिलरी रेजिमेंट में शामिल हुए इन कैडेट्स के लिए यह आयोजन उनके सैन्य करियर की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा। आर्टिलरी रेजिमेंट के वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारियों ने कैडेट्स को प्रतीक चिह्न प्रदान किए, जो आने वाले समय में भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में उनकी जिम्मेदारियों की शुरुआत का प्रतीक है।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मेजर जनरल राजेंद्र प्रकाश, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने 157 रेगुलर, 140 टीजीसी, 55 एससीओ तथा 46 टीईएस पाठ्यक्रम के कुल 80 ऑफिसर्स कैडेट्स को संबोधित किया। ये सभी कैडेट्स 13 दिसंबर 2025 को भारतीय सैन्य अकादमी से पास आउट होने जा रहे हैं। अपने प्रेरक उद्बोधन में उन्होंने कैडेट्स को उच्चतम दक्षता मानकों, सत्यनिष्ठा और राष्ट्र-समर्पण की भावना को सदैव सर्वोपरि रखने हेतु प्रोत्साहित किया। उन्होंने भारतीय सेना की इस गौरवशाली शाखा में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए नेतृत्व, अनुशासन, टीम भावना तथा निरंतर समर्पण को अनिवार्य बताया।

रण सज्जा समारोह हर जेंटलमैन कैडेट के जीवन का एक महत्त्वपूर्ण आयोजन होता है, जो उनके प्रशिक्षु जीवन से अधिकारी जीवन की ओर अग्रसर होने का प्रतीक माना जाता है। समारोह में वरिष्ठ पूर्व सैनिकों और सेवारत अधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति से कैडेट्स का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। गर्व और देशभक्ति के वातावरण से ओतप्रोत यह अवसर उन कैडेट्स की जीवन-यात्रा में एक स्मरणीय क्षण बन गया, जिन्होंने राष्ट्र-सेवा के पथ पर आगे बढ़ने का दृढ़ संकल्प किया है।